शहीद ऊधम सिंह की अस्थियां का सत्य


शहीद ऊधम सिंह की अस्थियां का सत्य

अखिल भारतीय कम्बोज महासभा के जोरदार प्रयासों से शहीद ऊधम सिंह के अवशेष को लंदन से उनके पैतृक स्थान सुनाम में लाया गया था। अखिल भारतीय कम्बोज महासभा ने लंदन से शहीद ऊधम सिंह की अस्थियां वापस लाने के बारे में चर्चा करने के लिए हरियाणा, पंजाब और उत्तर प्रदेश राज्य में कई बैठकें आयोजित की थी। अखिल भारतीय कम्बोज महासभा के विशेष प्रतिनिधिमंडल ने पंजाब और केंद्र सरकार दोनों के कैबिनेट मंत्रियों से मुलाकात की थी।

अखिल भारतीय कम्बोज महासभा के कर्ता राम जी राष्ट्रीय अध्यक्ष व नानक चन्द जी राष्ट्रीय महासचिव थे। राष्ट्रीय महासचिव के नाते नानक चन्द जी ने लंदन से शहीद ऊधम सिंह की अस्थियों को जन्म स्थान सुनाम लाने के लिये पंजाब राज्य सरकार और केंद्र सरकार के साथ पत्रों के माध्यम से संवाद किया। तब उन्होंने पंजाब सरकार के कैबिनेट मंत्रियों के साथ बैठक की और पंजाब के तत्कालीन सीएम ज्ञानी जैल सिंह से मुलाकात की। प्रतिनिधिमंडल ने भारत के पीएम इंदिरा गांधी से भी मुलाकात की। नानक चंद जी ने शहीद ऊधम सिंह की दूर की चचेरी बहन आस कौर से संपर्क किया और ब्रिटिश सरकार से अवशेष प्राप्त करने के लिए वकीलों से दस्तावेजों की एक फ़ाइल बनाई।

पंजाब सरकार और केंद्रीय शासन दोनों अखिल भारतीय कंबोज महासभा के शहीद ऊधम सिंह के अवशेष को लंदन से लाने के प्रस्ताव पर सहमत हुए गये थे। लेकिन उन्होंने बताया कि वह सरकार के प्रतिनिधिमंडल को लंदन भेजेंगे। साधु सिंह थिंद पंजाब सरकार में विधायक थे और वह प्रसिद्ध कम्यूनिटी वर्कर थे। अखिल भारतीय कंबोज महासभा ने सरकार के प्रतिनिधिमंडल का नेतृत्व करने का निर्णय लिया।

साधु सिंह थिंद की अगुवाई में सरकार और अखिल भारतीय काम्बोज महासभा की और से एक शिष्ठ मंडल (delegation) को लंदन भेजा गया। 19 जुलाई 1974 को शहीद ऊधम सिंह की अस्थियों कास्केट को प्राप्त किया। अखिल भारतीय काम्बोज महासभा की तरफ़ से कर्ता राम जी, नानक चन्द जी, सेठ पन्ना लाल जी, हर्दयाल सिंन्ह कमल, बनवारी लाल जी, डा. जिया लाल जी, सरोज काम्बोज जी (नानक चन्द जी की पत्नी) व महाशय किशोरीलाल काम्बोज कास्केट को प्राप्त करने के लिए दिल्ली एयरपोर्ट पर मोज्जुद थे। कपूरथला हाउस, नई दिल्ली में अखिल भारतीय कम्बोज महासभा द्वारा पंजाब सरकार के कैबिनेट के साथ संयुक्त बैठक में अवशेष को रखने की व्यवस्था की गई। इंदिरा गांधी, शंकर दयाल शर्मा व ज्ञानी जैल सिंह ने शहीद ऊधम सिंह को कपूरथला हाउस में श्रद्धांजलि दी।

शहीद ऊधम सिंह की अस्थियों कास्केट के साथ दिल्ली से सुनाम तक एक जुलुस निकाल गया था ताकि सभी लोग उनके दर्शन कर सके। अखिल भारतीय काम्बोज महासभा, दिल्ली के पदाधिकारियों की दो कारें और एक बस, दिल्ली से सुनाम तक जुलूस के साथ गई। 

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Deepak Kamboj

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Deepak Kamboj started and conceptualized the powerful interactive platform - KambojSociety.com in September 2002, which today is the biggest and most popular online community portal for Kambojas in the world. He was inspired by the social and community work carried out by his father Shri Nanak Chand Kamboj. He has done research on the history, social aspects, political growth and economical situation of the Kamboj community. Deepak Kamboj is an author of various articles about the history of Kamboj community and people.